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Saturday, April 25, 2009

******मेरी मुहब्बत ******

जब मै तन्हा तन्हा  सा हो जाता हूँ ,
जब तेरी यादो में खो जाता हूँ ,
तू इसे सही मान या गलत तेरी मर्जी ,
मै तेरे दिए हर गम का कसम खता हूँ!!

तुझे सोचता रहता हूँ तन्हाई में ,
नजर आती हिया तू मुझे परछाई मै ,
तू मेरे दर्द को नही समझ सकती कभी ,
मै तेरी हर आह को समझ जाता हूँ..
तू इसे सही मान ..................

तुझसे मिलने को मै मजबूर हूँ ,
क्या करू मै तुझसे कोसो दूर हूँ ,
तू शाम ढलते ही छत  पे आना कभी ,
मै तुझे य़क नजर  देखना चाहता हूँ,
तू इसे सही मान .......


Love wait for some one....>
एक उसकी इबादत, और एक उसका प्यार है
मेरी ज़िन्दगी का मकसद, उसका इंतज़ार है
जो पूछी है मुझसे मेरी मोहब्बत की इन्तहा
समझिये हर धड़कन पे उसका इख्तियार है
देखे जो कोई चीरकर , कभी सीना भी मेरा
उस से है जो मोहब्बत, वो बेशुमार है

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